Thursday, April 15, 2010

एक अच्छे गृहस्थ सेठ थे।एक साधु उनके घर गये तो पूछा-यह मोटर किसका है?सेठ बोला-ठाकुरजीकी!ये किसके बच्चे खेल रहे है?ठाकुरजीकी!ये लोग कौन हैं?ठाकुरजीके! पूरा मकान देखते-देखते ऊपर गये तो वहाँ मन्दिर था।यह मन्दिर किसका है?ठाकुरजीका!ये सोने-चाँदीके बर्तन किसके हैं?ठाकुरजीके!ये वस्त्र किसके हैं?ठाकुरजीके।साधुने ठाकुरजीकी तरफ संकेत करके पूछा-ये किसके हैं?सेठ बोला-ये तो मेरे हैं!

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