Sunday, April 18, 2010
जैसे घुटनोंके बलपर चलनेवाला छोटा बालक कोई वस्तु उठाकर अपने पिताजीको देता है तो उसके पिताजी बहुत प्रसन्न हो जाते हैं और कहते हैं कि बेटा! तू इतना बड़ा हो जा अर्थात् मेरेसे भी बड़ा हो जा।क्या बालकके देनेसे पिताजीको कोई विशेष चीज मिल गयी?नहीं।केवल बालकके देनेके भावसे ही पिताजी राजी हो गये।ऐसे ही भगवान् को किसी वस्तुकी कमी नहीं है,फिर भी भक्तके देनेके भावसे वे प्रसन्न हो जाते हैं।
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