Thursday, April 22, 2010
किसी भक्त ने कहा है-’हे नरकासुरका अन्त करनेवाले प्रभो! आप चाहे मेरा स्वर्गमें निवास कर दें,चाहे पृथ्वीपर निवास कर दें और चाहे नरकोंमें निवास कर दें।इसके लिये मैं मना नहीं करता।मेरी तो एक ही माँग है कि शरदऋतुके कमलकी शोभाको हरनेवाले आपके जो चरण हैं,उनको मृत्यु-अवस्थामें भी भूलूँ नही।आपके चरण मेरेको सदा याद रहें।’
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