Saturday, April 17, 2010
आप कह सकते हो कि बड़ा परिवार है,रोटी-कपड़ेकी भी तंगी है,काम चलता नहीं फिर इच्छा किये बिना कैसे रहे?तो इच्छा करनेसे वस्तुएँ थोड़े ही मिलेंगी।वस्तुएँ तो काम करनेसे मिलेंगी।इसलिये वस्तुओंकी इच्छा न करके काम करने की इच्छा करो।निकम्मे,निरर्थक मत रहो।यह जो संग्रह करनेकी इच्छा है,इसका त्याग कर दो तो जो आपके भाग्यमें लिखा नहीं है,वह आपके पास आ जायेगा।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment