Monday, May 17, 2010

लक्ष्य जितना ऊँचा होता है उतने ही संकल्प शुद्ध होते हैं। ऊँचा लक्ष्य है मोक्ष,परमात्मा-प्राप्ति, , अनन्त ब्रह्माण्डनायकईश्वर से मिलना। ऊँचा लक्ष्य तुच्छ संकल्पों को दूर कर देता है। ऊँचा संकल्प जितना दृढ़ होगा उतना ही तुच्छ संकल्पों को हटाने में सफलता मिलेगी।, उतना ही ऊँचा जीवन, ऊँची समझ, ऊँचा स्वास्थ्य, ऊँचा सुख, ऊँची शांति और ऊँचे में ऊँचे परमात्मा की प्राप्ति सुलभ होगी।

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