Sunday, April 15, 2012

श्री दादा गुरुवाणी - १६ अप्रैल २०१२

विकार कब तक?

आसक्ति (मोह), काम, क्रोध आदि विकार क्या हैं? जांच कर देखोगे तो वे कुछ नहीं हैं| राग और द्वेष की अग्नि जलाती है| वे सब तब तक हैं, जब तक तुमने वास्तविकता को नहीं पहचाना है| जब वास्तविकता को पहचानोगे, जब सब में चेतन का चमत्कार देखोगे, तब कुछ नहीं रहेगा, सभी विकार हट जाएंगे| जिसे अपना बेटा समझते हो और इसलिए उनसे मोह रखते हो, जब वे चले जाएंगे, तब उनमें भी चेतन का चमत्कार समझोगे| तुम यह शरीर नहीं हो, न बुझने वाली ज्योति हो|

*** तीसरी कृपा है सतगुरु की| सतगुरु कृपा से अज्ञान के तीनों परदे दूर होते हैं और मन निर्मल होता है|

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