ओ तूफान ! उठ ! जोर-शोर से आँधी और पानी की वर्षा कर दे ओ आनन्द के महासागर ! पृथ्वी और आकाश को तोड़ दे ओ मानव ! गहरे से गहरा गोता लगा जिससे विचार एवं चिन्ताएँ छिन्न-भिन्न हो जायें आओ, अपने हृदय से द्वैत की भावना को चुन-चुनकर बाहर निकाल दें, जिससे आनन्द का महासागर प्रत्यक्ष लहराने लगे - जीवन रसायन
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