Sunday, March 28, 2010

प्रेम अथार्त भगवान्।प्रेम का अर्थ है भगवान् का सुख,प्रेम का अर्थ है सम्पूर्ण समर्पण- यह जहाँ लहरा है वहाँ प्रेम के नाम पर प्रेम का चोंगा पहनकर भगवान् आते हैं।और जहाँ यह नहीं है वहाँ प्रेम का नाम रखकर डकैत आते हैं-काम,क्रोधदि।

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