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AMRUTBINDU
Wednesday, March 21, 2012
जीवन में न शुष्क ज्ञान चाहिए और न ही अज्ञानपूर्ण श्रद्धा। श्रद्धा में चाहिए तत्त्वज्ञान एवं संयम तथा ज्ञान में चाहिए श्रद्धा।
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